Top 15 Programming Language in Hindi | टॉप प्रोग्रामिंग लैंग्वेज

Top 15 Programming Language

Programming Language

आपमे से बहुत से लोग कंप्युटर और इससे जुडे विभिन्न शिक्षाक्रम के बारे मे दिलचस्पी रखते होंगे। साथ ही आजके युग मे अधिकतर लोगो का झुकाव विभिन्न सॉफ्टवेयर को बनाने की तकनीकी शिक्षा और इस क्षेत्र मे करियर के विकल्पो की तरफ होता है।

किसी भी सॉफ्टवेयर को बनाने हेतू विभिन्न प्रोग्रामिंग भाषाओ का संपूर्ण ज्ञान होना अनिवार्य होता है, शायद इनमे से कुछ भाषाओ से आप परिचित भी होंगे। पर क्या कभी आपने सोचा है के मौजुदा प्रोग्रामिंग भाषाओ मे वो कौनसी प्रमुख भाषाए होती है,जिनका क्रम विश्वभर मे सर्वाधिक पसंदीदा तौर पर लगता है?। यहा कहने का तात्पर्य यही है के वो प्रोग्रामिंग भाषाए जिनका अधिकता से अनिवार्य रूप से इस्तेमाल होता है, हम उनकी ही बात कर रहे है

अगर आप इस विषय मे उत्सुक है और सही जानकारी प्राप्त करना चाहते है तो ये लेख आपके लिये काफी खास होनेवाला है। इस जानकारीपूर्ण लेख के माध्यम से हम आपको टॉप प्रोग्रामिंग भाषाओ के बारे मे जानकारी देनेवाले है जिस से आपको इस विषय मे अधिक महत्वपूर्ण बाते जानने को मिलेगी।

Top 15 Programming Language  in Hindi | टॉप प्रोग्रामिंग लैंग्वेज
Programming Language in Hindi | टॉप प्रोग्रामिंग लैंग्वेज

“टॉप 15 प्रोग्रामिंग लैंग्वेज( भाषा)” – List of Top 15 Programming Languages in Hindi

टॉप 15 प्रोग्रामिंग लैंग्वेज( भाषा) की सूची – List of Computer Programming Languages

यहा आपको सुचिगत तरिके से 15 महत्वपूर्ण तथा टॉप प्रोग्रामिंग लैंग्वेज कि सूची देखने को मिलेगी, जिनमे प्रमुखता शामिल भाषाए है –

  • सी लैंग्वेज (C Language)
  • सी प्लस प्लस (C++)
  • जावा (Java)
  • पाइथन (Python)
  • जावास्क्रिप्ट (JavaScript)
  • एच.टी.एम.एल (HTML)
  • सी शार्प (C#)
  • पी.एच.पी (PHP)
  • स्विफ्ट(Swift)
  • गो (Golang)
  • रुबी (Ruby)
  • आर प्रोग्रामिंग लैंग्वेज (R Programming Language)
  • मैटलैब (Matlab)
  • एस.क्यू.एल (SQL)
  • रस्ट(Rust)

निचे हम आपको क्रमगत तरीके से सभी 15 प्रमुख प्रोग्रामिंग लैंग्वेज की जानकारी देंगे, जिससे संक्षेप मे इन भाषाओ के बारे मे आप जान पायेंगे।

टॉप 15 प्रोग्रामिंग लैंग्वेज( भाषा) की संक्षेप मे जानकारी – Information about Programming Languages

सी लैंग्वेज (C Language):

साल 1972 को डेनिस रिची द्वारा इस प्रोग्रामिंग लैंग्वेज का आविष्कार किया गया था, जिसको काफी असरदार और पुरानी प्रोग्रामिंग लैंग्वेज माना जाता है। सिशा और सी प्लस भाषाओ की मुल भाषा के रूप मे सी लैंग्वेज को जाना जाता है।

विभिन्न गेम की निर्मिती, अंतःस्थापित प्रणाली, वास्तविक समय प्रणाली इत्यादी से जुडे प्रोग्राम निर्मिती हेतू सी लैंग्वेज का उपयोग किया जाता है।

सी प्लस (C++):

जैसा के इससे पहले आप सी प्रोग्रामिंग लैंग्वेज के बारे मे जान चुके है, इसी कडी मे इस भाषा के विस्तारित और परिपक्व प्रारूप के रूप मे सी प्लस (C++) लैंग्वेज का निर्माण किया गया था।

लगभग सी लैंग्वेज जैसे ही इस भाषा का इस्तेमाल किया जाता है, जिसमे गेम की निर्मिती, अंतःस्थापित प्रणाली, वास्तविक समय प्रणाली इत्यादी शामिल है।

जावा(Java):

विश्वभर मे अधिकता से उपयोग किये जानेवाले प्रोग्रामिंग लैंग्वेज मे जावा का नाम दर्ज होता है। जिसका निर्माण साल 1994 को जेम्स गोसलिंग द्वारा किया गया था, जिसको पहले तो सामान्य तौर पर इस्तेमाल हेतू निर्मित किया गया था। बादमे अधिकतर कोडिंग से संबंधित प्रोग्रामिंग हेतू इस भाषा का उपयोग किया जाने लगा।

आजकल एंड्रॉइड ऑपरेटिंग पद्धती मे विभिन्न ऍप्स तथा गेम्स इत्यादी के निर्माण हेतू इस भाषा का इस्तेमाल होता है।

इसके अलावा वेबसाईट निर्माण तथा विभिन्न कार्यक्षेत्र से जुडे सॉफ्टवेयर निर्माण हेतू भी इस प्रोग्रामिंग लैंग्वेज को इस्तेमाल मे लाया जाता है। जिसमे संस्था/कंपनीयो के मानव संसाधन विभाग, वित्त विभाग, निर्माण प्रणाली प्रबंधन, आपूर्ति/गोदाम/वितरण प्रबंधन, बिक्री, विपणन आदी विषयो से जुडे सॉफ्टवेयर के निर्माण हेतू भी इस भाषा का मुख्य रूप से इस्तेमाल होता है।

पाइथन (Python):

जब बात प्रोग्रामिंग लैंग्वेज हो रही हो और पाइथन का जिक्र ना हो ऐसा हो ही नही सकता, दरसल पाइथन शुरुवात मे प्रोग्रामिंग सिखने वाले तथा व्यावसायिक दृष्टी से काम करनेवाले ऐसे दोनो तरह के लोगो के लिये फायदेमंद प्रोग्रामिंग भाषा होती है।

आम तौर पर विभिन्न तरह के वेबसाईट निर्माण, संख्यात्मक और विज्ञान से संबंधित कार्य प्रणाली के प्रोग्राम, व्यावसायिक ऍप्स आदि के निर्माण मे भी पाइथन का इस्तेमाल किया जाता है।

यहा आपको बता दे की साल 1990 मे गुइडो वेन रोस्सूम नामक प्रोग्रामर ने इस भाषा का आविष्कार किया था जो के मूलतः नेदरलँड्स के निवासी थे। आये दिन पाइथन के उपयोग मे वृद्धी हो रही है, जिसके अंतर्गत लगभग सभी क्षेत्रो मे इस भाषा के मदद से प्रोगाम्स तैयार किये जा रहे है।

जावास्क्रिप्ट (JavaScript):

मुख्य तौर पर इस प्रोग्रामिंग लैंग्वेज का इस्तेमाल वेबसाईट निर्मीती हेतू किया जाता है, जिसको सर्वप्रथम साल १९९५ मे दुनिया के सामने लाया गया था।

शुरुवात मे इस प्रोग्रामिंग लैंग्वेज द्वारा वेबसाईट की केवलमात्र फ्रंट एंड डेवलपमेंट की जाती थी, जिसमे बादमे बहुत सारे सुधार किये गये। आज जावास्क्रिप्ट का इस्तेमाल वेबसाईट के फ्रंट एंड के साथ के बैक एंड डेवलपमेंट मे भी किया जाता है।

जावास्क्रिप्ट के आम तौर पर सर्वाधिक उपयोग के बारे मे जानना है तो मोबईल ऍप्स निर्मिति, गेम निर्मिति, इंटरनेट से संबंधित कार्य इत्यादि हेतु किया जाता है।

एच.टी.एम.एल (HTML):

आम तौर पर वेबसाईट के सभी प्रकार के प्रमुख घटक को परिभाषित करने तथा पेजेस के संरचना को तैयार करने का महत्वपूर्ण कार्य इस प्रोग्रामिंग लैंग्वेज द्वारा किया जाता है।

सी शार्प (C#):

साल 2000 मे इस प्रोग्रामिंग लैंग्वेज को दुनिया के सामने लाया गया था, जिसका निर्माण माइक्रोसॉफ्ट कंपनी द्वारा किया गया है। अधिकतर बार इस प्रोग्रामिंग लैंग्वेज का उपयोग डॉट नेट प्रणाली मे किया जाता है, जिस हेतू इसे काफी प्रभावकारी भाषा माना जाता है।

मुख्य रूप से संस्था/कार्यालयीन तौर पर विभिन्न विभागो से जुडे सॉफ्टवेयर, सर्वर से संबंधित प्रोग्राम्स, गेम्स तथा वेबसाईट बनाने के लिये इस लैंग्वेज का उपयोग किया जाता है।

बहुत हद तक सि शार्प लैंग्वेज सी प्लस लैंग्वेज से मिलती जुलती दिखाई पडती है, कुछ इस तरह का मत इस भाषा के निर्माता आंद्रेस हेज्लेसबर्ग का भी है।

साल 1994 मे इस भाषा का निर्माण किया गया था, जिसका अधिकतर बार सर्वर बेस वेब डेवलपमेंट हेतू इस्तेमाल किया जाता है। अगर आप ये जानने के लिये उत्सुक है के सर्वर बेस वेब डेवलपमेंट मे आखिर किस प्रकार से पी.एच.पी लैंग्वेज उपयोग मे आती है तो आपको बता दे की आपका पसंदीदा सोशल मिडिया प्लॅटफॉर्म फेसबुक की कोडींग इसी भाषा के अंतर्गत हुई है।

इसके साथ याहू, विकिपीडिया आदी वेबसाईट की निर्मिती मे अधिकतर इसी भाषा का इस्तेमाल हुआ है, बात करे अन्य उपयोगो की तो इ कॉमर्स एप्स, सी.एम.एस आदि से संबंधित कार्य भी पी.एच.पी के सहायता से पुरे किये जाते है।

कई बार प्रोग्रामर द्वारा उच्च स्तर के कोडींग के लिये पी.एच.पी की मदद ली जाती है जिसका उपयोग डेस्कटॉप से संबंधित कार्य के किये भी किया जाता है।

स्विफ्ट (Swift):

अगर आप एप्पल(Apple) कंपनी के विभिन्न तकनिकी डिवाइस का इस्तेमाल करते है तो आपके लिए ये जानना आवश्यक है के एप्पल के प्लैटफॉर्म हेतु ही इस भाषा का साल 2014 में निर्माण किया गया था। जो के आय.ओ.एस(iOS) के साथ लिनक्स(Linux) प्लैटफॉर्म में भी असरदार मानी जाती है।

आपको बता दे के मोबईल एप्स डेवलपमेंट के साथ सर्वर संयोग मे भी इस भाषा का उपयोग होता है, मुख्य रूप से एप्पल कंपनी के अधिकतर एप्स निर्मिती मे इस भाषा को इस्तेमाल मे लाया जाता है।

गो (Golang):

गो या हम इसे गोलांग भी कह सकते है, साल 2009 मे इस प्रोग्रामिंग भाषा का निर्माण किया गया था जिसका अधिकतर इस्तेमाल व्यापक तौर पर फैले हुये नेटवर्क प्रणाली के बीच संदेश के माध्यम से सुचारूपण कायम करने के उद्देश्य से किया गया था।

जैसा के आप सभी जानते है के गुगल का विस्तार दुनीया के लगभग सभी देशो तक हुआ है, इसिके अंतर्गत गुगल के तकनिकी टीम द्वारा इस प्रोग्रामिंग भाषा का निर्माण किया गया था।

आपको बता दे के उपरोक्त कार्य के अलावा बिजनेस एप्स निर्मिती, क्लाउड डेवलपमेंट, वेबसाइट निर्मिती, सिंगल पेज कार्य प्रणाली मे भी इस प्रोग्रामिंग लैंग्वेज का उपयोग किया जाता है।

रुबी (Ruby):

अगर आप प्रोग्रामिंग लैंग्वेज सिखने मे दिलचस्पी रखते है तो शुरुवात मे काफी आसान सामान्य भाषा के तौर पर रुबी का चयन बेहतर विकल्प साबित हो सकता है।

मुख्य तौर पर वेब पेज डेवलपमेंट मे रुबी भाषा का इस्तेमाल होता है, इसके अलावा फ्रंट एंड डेवलपमेंट, बैक एंड डेवलपमेंट तथा डाटा एनालिसिस आदि कार्य हेतू भी इस भाषा का उपयोग होता है।

आर प्रोग्रामिंग लैंग्वेज (R Programming Language):

साल 1994 मे रॉबर्ट जेंटलमैन और रॉस इहाका द्वारा इस प्रोग्रामिंग भाषा को तैयार किया गया था, जिसको हम सामान्य उपयोग मे लायी जानेवाली भाषा नही कह सकते। इसकी प्रमुख वजह ये भी है के इस भाषा को किसी खास मक्सद से तैयार किया गया है, जिसमे डाटा एनालिसिस और स्टैटिस्टिक्स से संबंधित कार्य शामिल है।

मैटलैब (Matlab):

80 के दशक मे तैयार की गई इस भाषा का अधिकतर इस्तेमाल डाटा एनालिसिस तथा विभिन्न कोड के तोड जोड हेतू किया जाता है। इसके अलावा मशीन लर्निंग, एल्गोरिदम, तथा शोध कार्य सत्यापित करने के लिये भी इस भाषा का इस्तेमाल किया जाता है।

एस.क्यू.एल (SQL):

बहुत बार आपको या तो अपना महत्वपूर्ण डेटा पुनःस्थापित करना होता है, आपको बता दे के इस तरह के महत्वपूर्ण कार्य करने के लिये एस.क्यू.एल प्रोग्रामिंग भाषा का उपयोग किया जाता है।

आजकल के डिजिटल युग मे अधिकतर बार महत्वपूर्ण रिपोर्ट को पुनः स्थापित करना होता है, वहां आम तौर पर एस.क्यू.एल भाषा के मदद से कार्य संपन्न किये जाते है जो के विशिष्ट प्रोग्राम्स का हिस्सा होती है।

रस्ट (Rust):

वैसे तो अबतक जितनी भी प्रोग्रामिंग लैंग्वेज हमने अबतक आपको बतायी है उन सब मे रस्ट भाषा को सिखना उतना आसान नही होता है। इसकी प्रमुख वजह ये भी है के तकनिकी सुरक्षा और गती से कार्य करने के विशेषता हेतू इस्तेमाल होनेवाले प्रोग्राम्स मे इस भाषा का उपयोग किया जाता है।

साल 2012 मे ग्राइडो होअर द्वारा इस भाषा को तैयार किया गया था, जिसका वेब ब्राउज़र में इस्तेमाल होने लगा था। आजकल गेम निर्मिती, ग्राफिक, अंत: स्थापित प्रणाली इत्यादी मे गती और सुरक्षा हेतू इस प्रोग्रामिंग भाषा का उपयोग किया जाता है।

इस प्रकार से अबतक आपने विभिन्न प्रोग्रामिंग भाषा के बारे मे पढा, जिसमे लगभग सभी प्रमुख भाषाओ के बारे मे बुनियादी जानकारी को हमने आपको बताया।

हमे विश्वास है के दि गई जानकारी को आपने अच्छे से समझा होगा और भविष्य मे इस महत्वपूर्ण जानकारी का आपको लाभ होगा। अगर लेख द्वारा दि गई जानकारी पसंद आयी हो तो अन्य लोगो के साथ जरूर साझा करे, हमसे जुडे रहने हेतू बहुत धन्यवाद

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