General Studies Gk Notes Hindi 2022, Gk In Hindi 2022

General Studies Gk Notes Hindi 2022, Gk In Hindi 2022

आत्मनिर्भर मध्य प्रदेश रोड मैप 2023

  • 12 नवंबर 2020 को मुख्यमंत्री द्वारा जारी ।
  • प्रेरणा आत्मनिर्भर भारत अभियान से।
  •  ध्येय प्रदेश मजबूत होगा तो देश मजबूत होगा।

जय किसान फसल ऋण माफी योजना

  • फरवरी 2019 में मध्य प्रदेश सरकार द्वारा जारी।
  • उद्देश्य किसानों के बकाया अल्पकालिक फसल ऋण की पात्रता अनुसार 2 लाख रुपया सीमा तक माफ करने हेतु

मध्य प्रदेश स्टॉक एक्सचेंज स्थापना

  •  1919 ( इंदौर में)
  •  SEBI से मान्यता प्राप्त ।
  • भारत का तीसरा सबसे पुराना स्टॉक एक्सचेंज तथा मध्य प्रदेश में पूंजी बाजार की शीर्षस्थ संस्था

राजकोषीय नीति

  • सार्वजनिक आय व्यय, ऋण संबंधी क्रियाएं तथा हिनार्थ प्रबंधन से संबंधित नीति।
  • उद्देश आर्थिक स्थिरता, आर्थिक विकास संबंधी कार्यक्रमों की सफलता में सहायक

N.A.F.T.A.

अमेरिका मुक्त व्यापार समझौता(1994),इसके द्वारा कनाडा, संयुक्त राज्य अमेरिका और मेक्सिको के बीच व्यापार तथा निवेश के नियम निर्धारित होते हैं।

सामाजिक समरसता के घटक

कला, साहित्य, संविधान सामाजिक विधान, मीडिया, सरकार, नागरिक, समाज परिवार, संस्कृति, उत्सव, शिक्षा आदि।

असंक्रामक बीमारियां

ऐसे रोग जिनका कारण जीव नहीं होते और ना ही बीमारियां छुआछूत से फैलती हैं।

कारण गंदगी, खराब जीवनशैली आदि।

उदाहरण कैंसर मधुमेह आदि।

General Studies Gk Notes Hindi 2022, Gk In Hindi 2022
General Studies Gk Notes Hindi

नई शिक्षा नीति

29 जुलाई 2020 घोषित तृतीय शिक्षा नीति, पूर्व इसरो प्रमुख कस्तूरी रंगन द्वारा मसौदा तैयार प्रावधान 10+2 ढांचे के स्थान पर स्कूली शिक्षा हेतु 5+3+3+4 का नया प्रारूप आदि।

समृद्धि स्कीम

  • भारत सरकार ने छोटी बचत को प्रोत्साहन देने के उद्देश्य इस योजना की शुरुआत बेटी बचाओ बेटी पढ़ाओ अभियान के तहत की।
  • प्रावधान माता पिता 10 वर्ष से कम आयु की बच्ची का खाता किसी भी डाकघर या अधिकृत बैंक शाखा में खोल सकते हैं।(250 रुपए न्यूनतम राशि से)

निःशक्त वर्ग

ऐसा वर्ग जिसमें व्यक्ति के शरीर का कुछ अंग नहीं हो, अथवा सभी अंगों के होने के बावजूद कुछ अंग उचित तरीके से कार्य ना करें। जैसे-पोलियो

भारतीय अर्थव्यवस्था की वर्तमान प्रवर्तिया सर्वशिक्षा

  • 2021-22 की प्रथम तिमाही में जीडीपी में 20% की वृद्धि (NSO की रिपोर्ट) समि
  • विश्व स्तर पर अर्थव्यवस्था का बढ़ता आकार (5 वा), इमर्जिंग इकोनॉमी, गिग इकोनॉमी

उज्ज्वला योजना 2.0

  • 10 अगस्त 2021 में प्रधानमंत्री द्वारा उत्तर प्रदेश के महोबा से वर्चुअली शुभारंभ।
  • लक्ष्य एक करोड़ गरीब महिलायों को एल.पी.जी कनेक्शन उपलब्ध कराने के साथ-साथ भरा हुआ सिलेंडर भी निशुल्क दिया जाना।

शुद्ध मांग और समय देयता

  1. गादी गई जमावा बैंक की देवता हा कादमी, किसी भी बैंक में जमा की गई जमाराशि बैंक की देयता कहलाती है
  2. शुद्ध मांग देयता – वह जमाराशि जिसको जमाकर्ता कभी भी निकाल सकता है जैसे चालू खाता और बचत खाता
  3.  समय देयता जमाकर्ता जमाराशि के परीपक्व होने के बाद (मतलब एक समय के बाद) ही निकल सकता है जैसे नियादी जमाराशि (FD)

कुपोषण को परिभाषित करें

उत्तम भोजन की विपरीत दशा अर्थात भोजन में उचित पोषक तत्व जैसे कार्बोहाइड्रेट, विटामिन, प्रोटीन, खनिज आदि की कमी।

कुटुंब न्यायालय का क्षेत्राधिकार

विवाह सम्बन्धी राहत, विवाह की अमान्यता, न्यायिक विलगाव, तलाक, वैवाहिक अधिकारों की बहाली या पुनः प्रतिष्ठापन अथवा विवाह की वैधता की घोषणा।

राष्ट्रीय आय की गणना में उत्पन्न चनौतियां।

राष्ट्रीय आप से अभिप्राय एक राष्ट्र की । वित्तीय वर्ष में आर्थिक क्रियाओं के फलस्वरुप उत्पादित अंतिम वस्तुओं और सेवाओं के मूल्य से है।

णना में उत्पन्न चुनौतियां

  • 1. दोहरी गणना की कठिनाइयां (अंतिम व मध्यवर्ती मूल्य पर)
  • 2. राष्ट्रीय आय मापने की अनेक विधि का होना।
  • 3. वस्तु विनिमय प्रणाली का प्रचलन ।
  • 4. कीमतों में परिवर्तित की समस्या।
  • 5. मूल्यहास की कठिनाई
  • 6 गैरकानूनी रूप से अर्जित आय को शामिल नहीं करती
  • 7. पर्यावरणीय क्षति को शामिल नहीं करना।
  • 8. स्टाक के मूल्यांकन की समस्या ।

आश्रम व्यवस्था व पुरुषार्थ ।

आश्रम व्यवस्था आश्रम शब्द श्रम धातु से बना है, जिसका अर्थ है प्रयास करना।

आश्रम तुलनात्मक रूप से जीवन का एक उल्लेखनीय भाग है, जिससे व्यक्ति अपनी योग्यता व क्षमता के अनुसार कि नहीं व्यक्ति तथा सामाजिक लक्ष्यों की प्राप्ति हेतु प्रयत्न करता है।

  • आश्रम 4 है ब्रम्हचर्य, ग्रहस्त, वानप्रस्थ, सन्यास
  • पुरुषार्थ – पुरुषार्थ अर्थात पुरुष के लिए जो अर्थपूर्ण है, जो सत्य है, उसे प्राप्त करने के लिए प्रयास करना।
  • धर्म, अर्थ, काम, मोक्ष इन चारों तत्वों के सम्यक सहयोग से जिस तत्व की सृष्टि होती है, उसे पुरुषार्थ कहते हैं।

मध्य प्रदेश की अर्थव्यवस्था में सेवा क्षेत्र का योगदान को स्पष्ट कीजिए।

सेवा क्षेत्र जिसे तृतीयक क्षेत्र कहा जाता है, के अंतर्गत उपभोक्ताओं को विभिन्न प्रकार की सेवाएं प्रदान की जाती है। जो 2020-22 (अग्रिम अनुमान) के तहत मध्य प्रदेश की अर्थव्यवस्था में 37-56% सशक्त योगदान रखता है।

अन्य लाभ

1. राज्य की आय में योगदान (पर्यटन से ही राज्य को 2018-19 में 8972 लाख रुपए प्राप्त)

2. रोजगार प्रदान करने में सहायक शिक्षित लोगों की संस्था में वृद्धि तथा सेवा क्षेत्र की और उनका रुझान होना

3. विदेशों से निवेश को आकर्षित करने में योगदान मध्यप्रदेश में प्रतिवर्ष इन्वेस्टर्स समिट का आयोजन।

4. नियार्त में योगदान जिससे विदेशी मुद्रा की प्राप्ति।

जनसंख्या नियंत्रण हेतु सुझाव

अशिक्षा, गरीबी बेरोजगारी, बाल विवाह आदि कारणों से आज भारत की जनसंख्या, जनसंख्या विस्फोट की स्थिति में पहुंच गई है।

जिसकी नियंत्रण हेतु निम्न उपाय किए जा सकते हैं

  • परिवार नियोजन कार्यक्रम को प्रभावी रूप से लागू किए जाए।
  • शिक्षा का प्रसार
  • विवाह की आयु में वृद्धि कर
  • संतान उत्पत्ति की सीमा निर्धारण कर
  • यौन शिक्षा का प्रसार कर
  • जनसंचार माध्यमों द्वारा छोटे परिवारों की महत्ता बताएं।
  • स्वास्थ्य सेवा का प्रसार
  • वृद्धावस्था पेंशन, बेरोजगारी भत्ता जैसी सामाजिक सुरक्षा के प्रयास द्वारा। समि/

अतः जनसंख्या नियंत्रण कर ही उच्च मानवीय दशाओं को प्राप्त कर मानव संसाधन व देश का विकास किया जा सकता है।

बैड बैंक क्या है? इससे संबंधित समस्याओं की चर्चा कीजिए।

बैड बैंक एक आर्थिक अवधारणा है जिसके अंतर्गत आर्थिक संकट के समय घाटे में चल रहे बैंकों द्वारा अपनी देयताओं को एक नए बैंक को स्थानांतरित कर दिया जाता है।

बेड बैंकों से संबंधित चुनौतियां –

1. मुख्य में जिम्मेदारी को लेकर SC अकादमी समस्या बैंक में हिस्सेदारी को लेकर है।

2. बैंड बैंक से बैड लोन की समस्या ।

3. सार्वजनिक हिस्सेदारी अधिक होने से सार्वजनिक व्यय में वृद्धि।

4. निजी क्षेत्र की हिस्सेदारी अधिक होने से गैर निष्पादनीय संपत्ति के मूल्य की समस्या।

5. यह बैंकों को अनउत्तरदायित्व पूर्ण उधार प्रथाओं को जारी रखने में प्रोत्साहित कर सकता है।

परंतु सभी वाणिज्यिक बैंकों के बढ़ते एनपीए की समस्या को समाप्त करने के हेतु बैड बैंक उचित विकल्प है।

MP में नकदी फसल

मध्यप्रदेश में अनेक नगदी फसलों का उत्पादन होता है, जो राज्य के आर्थिक विकास में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहा है।

1. कपास खंडवा खरगोन (सफेद सोना )।

2. अफीम- मंदसौर में सरकार के कड़े नियंत्रण में।,

3. गांजा = खंडवा में सरकारी नियंत्रण में

4. गन्ना = नरसिंहपुर ( अग्रणी जिला)

5. सोयाबीन – संपूर्ण मालवा में

6. सरसो = भिंड, मुरैना, ग्वालियर

नोट- इन्हें डायग्राम में लोकेट करें।

भारत सरकार द्वारा महिला सशक्तिकरण के लिए चलाई जा रही महत्वपूर्ण योजनाओं को समझाए।

भारत सरकार द्वारा महिला सशक्तिकरण हेतु अनेक योजनाएं चलाई जा रही है जिनमें प्रमुख निम्न है

  1. उज्जवला योजना 2.0 एलपीजी कनेक्शन के साथ ग्रामीण महिलाओं को निशुल्क सिलेंडर
  2. संपोषित मां अभियान 2022 तक कुपोषण मुक्त भारत का लक्ष्य प्राप्त करने हेतु।
  3. प्रधानमंत्री मातृ वंदना योजना- 1 जनवरी 2017 से देशभर में गर्भवती और स्तनपान कराने वाली महिलाओं हेतु।
  4. बेटी बचाओ बेटी पढ़ाओ योजना- 22 जनवरी 2015 से स्त्री शिक्षा को बढ़ावा देने हेतु।
  5. स्वाधार गृह योजना वेश्यावृत्ति कैदी व अन्य किसी भी कारण देवघर पीड़ित महिला को स्वधार | – वेश्यावृत्ति, व देवधर म लाया जाता है।
  6. निर्भया योजना ( फंड) बलात्कार पीड़ित महिला की सहायता व पुनर्वास हेतु।

भारत में कोविड-19 के संक्रमण को रोकने हेत लगाया जा रहा है कि टीको का उल्लेख कीजिए।

  • सरकार द्वारा कोविड-19 संक्रमण को रोकने हेतु निम्न टीके लगाए जा रहे हैं
  • कोवैक्सीन भारत बायोटेक हैदराबाद द्वारा विकसित, यह एक निष्क्रिय टीका है जो मृत कोरोना वायरस से निर्मित है।
  • कोविडशील्ड सीरम इंस्टिट्यूट ऑफ इंडिया ( पुणे ) द्वारा विकसित दो खुराक आवश्यक। विकास एडिनोवायरस से किया गया।
  • स्यूतनिक रूसी वैक्सीन भारत सरकार द्वारा उपयोग की अनुमति प्रदान की गई।
  • मॉडर्न वैक्सीन rma वैक्सीन है, भारतीय केंद्र सरकार ने दूसरे उपयोग की मंजूरी प्रदान। इसके अलावा जाई कोव- D जो जाइड्स केडिला कंपनी बना रही है जो, तीन खुराक वाली वैक्सीन होगी जो 12 से 18 वर्ष के बच्चों के लिए सुरक्षित मानी जा रही है।

भारत का झुकाव सार्क देशों से हटकर बिम्सटेक की ओर होता जा रहा है? स्पष्ट कीजिए।

सार्क तथा बिम्सटेक दोनों ही भारत तथा उसके पड़ोसियों के क्षेत्रीय सहयोग संगठन है। सार्क संगठन की प्रभावशालीता में कमी के कारण

  • सार्क देश विश्व की लगभग 24% जनसंख्या का प्रतिनिधित्व करने के बाद भी राष्ट्रीय उत्पाद में मात्र 3.5% की हिस्सेदारी रखते हैं।
  • भारत और पाकिस्तान का विवाद।
  • शादी के नियम अनुसार सदस्य देशों को विवादास्पद द्विपक्षीय मुद्दों को उठाने पर मानी ही है, परंतु पाकिस्तान द्वारा बार-बार कश्मीर का मुद्दा उठाना।
  • 2016 इस्लाम बाद शिखर सम्मेलन में आतंकवादी गतिविधियों के चलते भारत भूटान और बांग्लादेश का शामिल ना होना।

बिम्सटेक की प्रभावशीलता में वृद्धि के कारण

  1. पाकिस्तान इस संगठन पर सदस्य नहीं।
  2. बिम्सटेक के दो सदस्य थाईलैंड हुआ म्यानमार आसियान के भी सदस्य है।
  3. बिम्सटेक भारत की एस्ट ईस्ट पॉलिसी का आगे बढ़ाने में सहायक है।

मई 2019 में प्रधानमंत्री शपथ ग्रहण समारोह में सार्क के स्थान पर बेमेस्टेक के सदस्यों को आमंत्रण भारत का बिम्सटेक की ओर झुकाव प्रदर्शित करता है।

गैर सरकारी संगठन की विशेषताएँ।

गैर सरकारी संगठन लाभ अर्जित न करने वाला गैर सरकारी, सेवाभाव वाला, विकास प्रकृति वाला संगठन है।

  • यह कुछ मूलभूत लोकतांत्रिक सिद्धान्तों पर विश्वास करता है क सिद्धान्तों
  • यह समाज को सशक्त और समर्थ बनाने में सहयोग देता है।
  • यह स्वतन्त्र रूप से काम करता है।
  • प्रत्येक गैर सरकारी संगठन के अपने कुछ खास उद्देश्य और लक्ष्य होते
  • यह किसी भी राजनीतिक पार्टी से जुड़ा नहीं होता। हैं।

जीएसटी परिषद कार्यों को समझाइए।

यह वस्तु एवं सेवा कर से संबंधित मुद्दों पर केंद्र और राज्य सरकार को सिफारिश करने के लिये एक संवैधानिक निकाय (अनुच्छेद 279A) है।

1.जीएसटी में नई वस्तुओं को शामिल करना।

2. जीएसटी दर का निर्धारण करना।

3. उस सीमा रेखा का निर्धारण जिसके नीचे वस्तु और सेवा के टर्नओवर को जीएसटी से छूट प्रदान की जा सके।

WHO की संरचना

स्वीकार कर इसके सदस्य बन सकते हशिक्षित विश्व के सभी राष्ट्र डब्ल्यू.एच.ओ के सदस्य हो सकते हैं. संयुक्त राष्ट्र संघ के सदस्य इस के विधान को समिति सशक्त से हो

डब्लू एच के 3 अंग हैं

1. सभा – इसकी बैठक वर्ष में एक बार होती है तथा प्रमुख कार्य नीति निर्धारण करना है, सभी सदस्य राष्ट्रों के प्रतिनिधि शामिल है।

2. कार्यकारी मंडल इसमें 24 सदस्य रहते हैं, जिनकी बैठक वर्ष में दो बार होती है,

3. सचिवालय इस संगठन का प्रमुख अधिकारी निर्देशक होता है उसके अधीन कर्मचारी वर्ग होता है। इसी निर्देशक पर संगठन की प्रशासकीय तथा तकनीकी कार्यों की जिम्मेदारी होती हैं। जिसके महानिर्देशक वर्तमान में टेड्रोस एडहानॉम हैं।

इस प्रकार डब्ल्यूएचओ विकसित व विकासशील देशों के लिए स्वास्थ्य संबंधी एक अंतरराष्ट्रीय साझा मंच है। जहां विभिन्न गंभीर बीमारी से बचाव की योजना रणनीति व अन्य कल्याणकारी कार्यक्रमों के माध्यम से सभी को उचित लाभ प्रदान किए जाने हेतु कार्य किया जाता है।

2. भारतीय संस्कृति एवं इसकी प्रमुख विशेषताओं को समझाइए।

“किसी राष्ट्र की संस्कृति उसके नागरिकों के हृदय एवं आत्मा में वास करती है।” महात्मा गांधी मनुष्य की कार्यक्षमता का सुसगंत विकास संस्कृति है। वाल्टेयर के अनुसार संस्कृति मानव जीवन को सुखमय बनाने की कला है अर्थात वह सर्जनात्मक अभिव्यक्ति जिसमें बाह्य जीवन की वास्तविकता और आंतरिक जीवन की उदत्रता मानव की संपूर्ण जीवन में व्याप्त रहती है,संस्कृति है।

भारतीय संस्कृति प्राचीन विचारों को खोए बिना ही नवीन विचारधाराओं को आत्मसात करने में सक्षम है। इसका सर्वाधिक व्यवस्थित रूप हमें वैदिक युग से सर्वप्रथम प्राप्त होता है।

भारतीय संस्कृति की विशेषताएं

1. अनकेता में एकता भारतीय संस्कृति के विकास में आर्य, यछ, नाग, किन्नर, शक, पारसी, ईसाई मुस्लिम आदि सब का योगदान है। भारतीय जीवन वस्तुतः एक संयुक्त परिवार है।

2. प्राचीनता

भारतीय संस्कृति विश्व की प्राचीन तम संस्कृतियों में से एक है। मध्य प्रदेश के भीमबेटका में पाए गए शैल चित्र, नर्मदा घाटी में की गई खुदाई आदि पुरातत्व प्रणाम भारतीय संस्कृति की प्राचीनता का उल्लेख करते हैं।

3. निरंतरता भारतीय संस्कृति की एक महत्वपूर्ण विशेषता यह है कि हजारों वर्षों बाद भी यह संस्कृति हजारों वर्ष अपने मूल स्वरूप में जीवित है। इसकी प्रशंसा करते हुए लिखा गया है कि ” यूनान, मिश्र, रोमा सब मिट गए जहां से कुछ बात है कि हस्ती मिटती नहीं हमारी ।”

4. ग्रहणशीलता संस्कृति का अर्थ समस्त सीखा हुआ व्यवहार होता है। अर्थात वे सभी बातें जो हम समाज का सदस्य होने के नाते सीखते हैं। भारतीय संस्कृति में नवागत संस्कृति से कुछ अच्छी बातें ग्रहण करने में कभी संकोच नहीं किया।

5. लचीलापन एवं सहिष्णुता जीवन के प्रति समन्वयकारी उदार दृष्टि व जिओ और जीने दो के सिद्धांत ने भारतीय संस्कृति को स्थायित्व वा दीर्घ आयु प्रदान की है।

6. आध्यात्मिकता एवं भौतिकता का समन्वय भारतीय संस्कृति में आश्रम व्यवस्था के साथ धर्म, अर्थ, काम, मोक्ष जैसे चार पुरुषार्थ का विशेष स्थान रह रहा है। वस्तुत: उन पुरुषार्थ ने अध्यात्मिकता के साथ भौतिकता का अद्भुत समन्वय कर दिया।

भारतीय संस्कृति की झांकी हम भारत के महिमामंडित इतिहास, दर्शन, धर्म, संतों की क्रांतिकारी व शांति प्रिय वाणी में मिलती है। लोकपर्व, लोक संगीत और लोक साहित उसकी जीवनंतता के प्रणाम है।

मध्य प्रदेश की जनानिकीय लाभांश का राज्य की अर्थव्यवस्था पर प्रभाव स्पष्ट कीजिए।

जनसंख्या का परिणामत्मक अध्ययन ही जनानिकी है। जनानिकी न केवल उत्पादन के साधनों की प्रकृति एवं गुणों को प्रभावित करती है, बल्कि वह समस्त आर्थिक वातावरण की प्रकृति को भी सुनिश्चित करती है, जिससे समस्त आर्थिक क्रियाएं संपन्न होती हैं।

मध्य प्रदेश की अर्थव्यवस्था पर जनानिकी का प्रभाव निम्न बिंदुओं से समझा जा सकता है

  • (1) राज्य की जनसंख्या का आकार का भार
  • (2) जन्म दर व मृत्यु दर
  • (3) आयु संरचना
  • (4) कार्यशील जनसंख्या
  • (5) शिक्षा व स्वास्थ्य

• राज्य की जनसंख्या का आकार 2011 की जनगणना में राज्य की दशकीय वृद्धि दर जहां 20.30% थी, जो राष्ट्रीय औसत ( 17.7%) से अधिक थी। प्रचलित मूल्य पर राज्य की प्रति व्यक्ति आय राष्ट्रीय स्तर पर प्रति व्यक्ति आय के 2020-21 में 77,500 पर आ गई जो 1993-94 में 25% थी। इसका कारण तेजी से बढ़ती जनसंख्या है, जो अर्थव्यवस्था की प्रगति हेतु घातक है।

• जन्म दर एवं मृत्यु दर के आधार

राज्य की जनसंख्या जन्म एवं मृत्यु दर के आधार पर न्यादर्श पंजीयन प्रणाली के आधार पर राज्य पर 2018 में जन्म दर और मृत्यु दर 24.6 व 6.7 प्रति हजार वही राष्ट्रीय स्तर पर क्रमशः 20.0 व 6.2 है, अत: उच्च जन्म दर वह मृत्यु दर राज्य की अर्थव्यवस्था के विकास में बाधा उत्पन्न कर रही है।

शिशु मृत्यु दर मातृ मृत्यु दर राष्ट्रीय स्तर से उच्च होना शिशु मृत्यु दर के मामले में मध्यप्रदेश का देश में प्रथम स्थान है, जो 48 प्रति हजार है वहीं मातृ मृत्यु पर 173/ लाख है।उचित पोषण आहार प्राप्त ना होना, निम्न जीवन स्तर, व्यापक गरीबी जिसके कारण लोगों को उचित स्वास्थ्य सेवा भी प्राप्त नहीं हो पाती है।

अनुषा PSC अकादमी • स्वास्थ्य सेवा का अभाव- नीति आयोग द्वारा जारी सतत विकास लक्ष्यों के तुलनात्मक विश्लेषण के आधार पर अच्छा स्वास्थ्य व खुशहाली सूचकांक में मध्य प्रदेश 28 राज्यों में 25 वें स्थान पर है, यहां प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों में डॉक्टर, नर्स की कमी है, जिसके कारण कुशल मानव संसाधन का विकास नहीं हो पाया।

राज्य में 51.4% महिला खून की कमी से पीड़ित है।

• जीवन प्रत्याशा का राष्ट्रीय स्तर से कम होना राज्य में निरीक्षकता की अधिकता पूर्वाग्रहों से ग्रसित विचार गरीबी प्रति व्यक्ति आय में कमी, स्वस्थ्य का गिरता स्तर जिसमें राज्य के लोगों की जीवन प्रत्याशा मात्र 66 वर्ष है। वहीं राष्ट्रीय स्तर पर 69 वर्ष है इससे राज्य की उत्पादकता पर नकारात्मक प्रभाव पड़ता रहा है।

• राष्ट्रीय कार्यशील जनसंख्या (39.79%) से मध्य प्रदेश की कार्यशील जनसंख्या (43.47%) अधिक , जिसका लाभ राज्य प्राप्त कर सकता है, परंतु राज्य में अनेक चुनौतियां विद्य है।

राज्य में जनानांकी स्थिति का पूर्ण लाभ उठाने हेतु कार्यशील जनसंख्या को कुशल वा प्रशिक्षित करने हेतु कौशल विकास योजना का क्रियान्वयन तेज करना होगा, साथ ही स्वास्थ्य शिक्षा आदि सुविधा को बेहतर बनाकर आर्थिक विकास में जननांकी की उचित भागीदारी प्राप्त की जा सकती है।

भारतीय आर्थिक क्षेत्र के संदर्भ में क्रिप्टो करेंसी के महत्व एवं चुनौतियों को समझाइए।

एक डिजिटल कैश प्रणाली है, जो कम्प्यूटर एल्गोरिदम पर बनी है। यह सिर्फ डिजिट के रूप में ऑनलाइन रहती है। इस पर किसी भी देश या सरकार का कोई नियंत्रण नहीं है।

क्रिप्टो करेंसी का महत्व

1. भारत में सबसे ज्यादा नकदी संचालन में है, मार्च 2019 के अंत तक नकदी प्रवाह जीडीपी के 17 प्रतिशत से बढ़कर 21.3 लाख करोड़ रुपए के पार पहुंच गई है।

2. गौरतलब है कि नकद संचालन में भारतीय रिज़र्व बैंक और वाणिज्यिक बैंकों का वार्षिक खर्च 21,000 करोड़ रुपए आता है। ऐसे में क्रिप्टो करेंसी को बढ़ावा देना कैशलेस अर्थव्यवस्था के लिये महत्त्वपूर्ण साबित हो सकता है।

3. क्रिप्टो करेंसी वित्तीय समावेशन को बढ़ावा देने में अहम् साबित हो सकता है। विदित हो कि वर्ष 2008 की आर्थिक मंदी का सबसे बड़ा कारण बैंकों का दिवालिया हो जाना था और भविष्य में भी ऐसा हो सकता है।

4.इन परिस्थितियों में यदि बँकिंग व्यवस्था से अलग लेकिन एक विनियमित करेंसी अहम् साबित हो सकती है।

क्रिप्टो करेंसी की चुनौतियां

1. एक असुरक्षित मुद्रा

व्यवस्था के अनलाइन होने के कारण भी सुधार हो क्रिप्टो करेंसी की संपूर्ण व्यवस्था के ऑनलाइन होने के कारण इसकी सुरक्षा कमज़ोर हो जाती है और इसके हैक होने का खतरा बना रहता है।

2. क्रिप्टो करेंसी की सबसे बड़ी समस्या है इसका ऑनलाइन होना और यही कारण है कि क्रिप्टो करेंसी को एक असुरक्षित मुद्रा माना जा रहा है।

3. देश की सुरक्षा संबंधी चिंताएँ

यह ‘मुख्य वित्तीय सिस्टम’ और ‘बैंकिंग प्रणाली’ से बाहर रहकर काम करती है। यही कारण है कि इसके स्रोत और सुरक्षा को लेकर गंभीर प्रश्न उठते रहते हैं।

4.इस डिजिटल मुद्रा को फ्रॉड, हवाला और आतंकी गतिविधियों को पोषित करने वाली मुद्रा के रूप में संबोधित किया जाता रहा है।

5. नियंत्रण एवं प्रबंधन की समस्या

क्रिप्टोकरेंसी से संबंधित एक बड़ी समस्या इसके नियंत्रण एवं प्रबंधन की भी है। भारत जैसे कई देशों ने अभी तक इसे मुद्रा के रूप में स्वीकृति प्रदान नहीं की है, ऐसे में इसका प्रबंधन एक बड़ी समस्या है।

6. आर्थिक जानकारों का भी मानना है कि इसकी तकनीकी जानकारी रखे बिना इसमें निवेश करने के भारी दुष्परिणाम हो सकते हैं।

7. पर्यावरणीय चिंताएँ

गौरतलब है कि प्रत्येक बिटकॉइन लेन-देन के लिये लगभग 237 किलोवाट बिजली की खपत होती है और इससे प्रतिघंटा लगभग 92 किलो कार्बन का उत्सर्जन होता है।

5. व्यवसायिक शिक्षा क्या है? इस क्षेत्र में मध्य प्रदेश सरकार द्वारा किए गए प्रयासों पर प्रकाश डालें।

व्यवसायिक शिक्षा से तात्पर्य ऐसी शिक्षा प्रणाली से जो विद्यार्थियों को व्यवहारिक गतिविधियों पर आधारित नौकरियों के लिए व्यक्तिगत रूप से तैयार करती है।

प्रत्येक मनुष्य की क्षमता व रुचि विभिन्न होती हैं अतः व्यवसायिक शिक्षा के माध्यम से उसे अपने कार्य में निपुण किया जाता है।

मध्य प्रदेश इक्युवेशन एंड स्टार्टअप नीति 2010 समितिय

  • भारत सरकार की स्टार्टअप इंडिया विजन के समतुलया।
  • उद्देश्य उद्यमिता कौशल के पोषण द्वारा राज्य में स्टार्टअप संस्कृति को बढ़ावा देना।
  • इसके अतिरिक्त प्रत्येक जिले व प्रखंड स्तर पर ‘कौशल विकास केंद्र खोले गए जो कार्यक्षेत्र हेतु युवाओं को तैयार करने हेतु कार्यरत है।

“एक राष्ट्र- एक राशन कार्ड योजना” खाद्य सुरक्षा को सुनिश्चित करने हेतु कितनी प्रासंगिक है, स्पष्ट कीजिये।

एक देश एक राशन कार्ड योजना के अंतर्गत किसी भी क्षेत्र के नागरिक राशन कार्ड के माध्यम से देश के किसी भी राज्य से पीडीएस राशन की दुकान से राशन प्राप्त कर सकेंगे।

योजना का महत्त्व

1.इस योजना से गरीब, मज़दूर और ऐसे लोग लाभान्वित होंगे जो जीविका, रोज़गार या किसी अन्य कारण से एक राज्य से दूसरे राज्य में प्रवास करते हैं।

2. इसका उद्देश्य विभिन्न राज्यों से लाभ उठाने के लिये एक से अधिक राशन कार्ड रखने पर रोक लगाना है जिससे वास्तविक लाभ ज़रूरत मंद व्यक्ति तक पहुँच पाएगा।

3, इस योजना के माध्यम से देश के सभी नागरिकों को एक राशन कार्ड से परे देश में कहीं भी राशन उपलब्ध हो सकेगा तथा राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा अधिनियम, 2013 के तहत सभी लोगों हेतु अनाज की उपलब्धता सुनिश्चित हो सकेगी।

हालाँकि यह योजना हांशिये में स्थित लोगों की खाद्य आवश्यकता हेतु एक क्रांतिकारी कदम है लेकिन इसमें कुछ कमियाँ भी हैं, जो निम्नानुसार हैं

 1. सार्वजनिक वितरण प्रणाली के लिये हर राज्य के अपने नियम हैं। यदि यह योजना लागू की जाती है, तो पहले से ही दूषित सार्वजनिक वितरण प्रणाली में भ्रष्टाचार और अधिक बढ़ सकता है।

 2. कुछ राज्यों ने इसका विरोध करते हुए कहा कि यह संघवाद के खिलाफ़ है।

3. इससे लागत बढ़ने की संभावना है।

4. राशन की दुकानों पर अधिक भीड़ के कारण स्टॉक ख़त्म हो सकता है तथा लाभार्थियों को परेशानी हो सकती है।

निष्कर्षत: आम लोगों तक सस्ता खाद्यान्न पहुँचाने के लिये सार्वजनिक वितरण प्रणाली का प्रयोग किया जाता है तथा ‘एक राष्ट्र- एक राशन कार्ड योजना इसे विस्तारित करने में महत्त्वपूर्ण भूमिका निभा सकती है। किंतु इसके उचित क्रियान्वयन के लिये खाद्यानों की खरीद के समय से लेकर इसके वितरण तक पारदर्शिता को बनाए रखने एवं भ्रष्टाचार पर अंकुश लगाने हेतु सूचना प्रौद्योगिकी के इस्तेमाल पर ध्यान केन्द्रित किया जाना चाहिये।

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